उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कों पर एक बार फिर न्याय की मांग को लेकर भारी जनसैलाब देखने को मिला। अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने के अवसर पर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और महिलाओं ने मिलकर एक विशाल न्याय यात्रा का आयोजन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से गांधी पार्क से शुरू होकर ऐतिहासिक घंटाघर तक पहुंचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की और प्रदेश सरकार से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए लोगों का कहना था कि इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी इस मामले में संलिप्त मुख्य प्रभावशाली चेहरों को बेनकाब नहीं किया गया है।
प्रदर्शन में मौजूद वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शुरुआती जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की गई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद आवश्यक है। लोगों ने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि इस जघन्य अपराध के सभी पर्दों को हटाया जा सके। न्याय यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर पुलिस बल की भारी तैनाती रही ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटा जा सके। इसके बावजूद नागरिकों का उत्साह और आक्रोश साफ झलक रहा था।
महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन रुकने वाला नहीं है। शांतिपूर्ण जुलूस के रूप में निकली इस यात्रा ने शहर के ट्रैफिक को भी कुछ समय के लिए प्रभावित किया, लेकिन आम लोगों ने भी इस उद्देश्य का समर्थन किया।

