उत्तराखंड सरकार ने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक आधुनिक और आपदा-रोधी सड़क नेटवर्क का निर्माण तेज कर दिया है। राजधानी में बढ़ती वाहनों की संख्या और पर्यटन सीजन में लगने वाले भारी जाम से निपटने के लिए प्रमुख राजमार्गों, फ्लाईओवरों और वैकल्पिक रिंग रोड के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर-लेन में तब्दील करने का काम अंतिम चरण में है, जिससे हिमाचल प्रदेश और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की ओर आवाजाही काफी तेज हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, देहरादून-मसूरी मार्ग पर सुरक्षात्मक चौड़ीकरण, क्रैश बैरियर और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं ताकि मॉनसून में भूस्खलन की समस्याओं से बचा जा सके। शहर के भीतर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों, चौड़े फुटपाथों और मल्टी-यूटिलिटी डक्ट्स के जरिए भूमिगत बिजली व टेलीफोन केबल बिछाने का काम जारी है। इससे बार-बार सड़कों की खुदाई की समस्या से मुक्ति मिलेगी और तूफानों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। हरिद्वार रोड पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तैयार हो रही ग्रीन बिल्डिंग और आधुनिक बस टर्मिनलों के कार्यों को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। नए मास्टर प्लान के तहत राजधानी के चारों ओर रिंग रोड के बचे हुए हिस्सों का निर्माण आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले भारी वाहनों को शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सड़कों के किनारे व्यापक वृक्षारोपण और आधुनिक वर्षा जल संचयन प्रणालियों को जोड़ा जा रहा है। पीडब्ल्यूडी और शहरी विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से गड्ढा-मुक्त और सुरक्षित सड़क सतह सुनिश्चित की जा रही है। शहर के प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण कर ट्रैफिक बॉटलनेक को समाप्त करने का प्रयास किया गया है। इस बुनियादी ढांचे के विकास से न केवल स्थानीय नागरिकों का दैनिक सफर आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार प्रदान करेगा।
देहरादून को मिला स्मार्ट और आपदा-रोधी सड़क नेटवर्क, नए फ्लाईओवरों और रिंग रोड से सुगम होगी आवाजाही

