उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नंदा की चौकी स्थित प्रेमनगर क्षेत्र में टोंस नदी पर बने 16 करोड़ रुपये के नए पुल की अप्रोच रोड अचानक धंस जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। महज 17 दिन पहले 12 जुलाई को आम जनता के लिए खोले गए इस महत्वपूर्ण पुल की सड़क पर एक विशाल और गहरा गड्ढा बन गया, जिससे देहरादून-पांवटा साहिब राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और यातायात को झाझरा की ओर डायवर्ट करना पड़ा। पिछले साल सितंबर की भीषण बाढ़ में पुराना पुल बह जाने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस नए पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में एप्रोच रोड की मिट्टी बह जाने से करोड़ों रुपये की लागत से बने इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और डिजाइन पर स्थानीय निवासियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान और PWD के उच्च अधिकारियों ने तुरंत आपदा नियंत्रण टीम व सिंचाई विभाग के कर्मियों को मौके पर भेजा और मलबे तथा भराव सामग्री की मदद से आपातकालीन मरम्मत कार्य शुरू कराया। यद्यपि प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि मुख्य पुल की संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और केवल पहुंच मार्ग ही प्रभावित हुआ है, फिर भी राज्य सरकार ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव को तीन दिनों के भीतर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए हैं। इस घटना के बाद विकासनगर, हिमाचल प्रदेश और देहरादून के बीच दैनिक आवाजाही करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों और स्थानीय व्यापारियों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में लापरवाही या घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले किसी भी अधिकारी अथवा ठेकेदार के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून के नंदा की चौकी पुल की अप्रोच रोड पहली ही बारिश में धंसी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

