देहरादून में मानसून की शुरुआती भारी बारिश ने ही बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। प्रेमनगर के पास स्थित नंदा की चौकी पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ नया पुल पहली ही तेज बारिश के बहाव को बर्दाश्त नहीं कर सका और उसका एक हिस्सा अचानक धंस गया। इस हादसे के कारण पुल के ऊपर से वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही को एहतियातन पूरी तरह से रोक दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। इस पुल के धंसने के कारण देहरादून से सुधोवाला और आगे जाने वाले मुख्य मार्ग पर भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है और आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों और विपक्षी नेताओं ने इतने कम समय में और इतनी बड़ी लागत से बने पुल के क्षतिग्रस्त होने पर लोक निर्माण विभाग तथा कार्यदायी संस्था के खिलाफ भारी नाराजगी जताई है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता बेहद घटिया थी और अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सरकारी धन का नुकसान हुआ है। बारिश की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन अब वैकल्पिक रास्तों का इंतजाम करने में जुटा है ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके। इस दौरान पीडब्ल्यूडी के उच्च अधिकारियों की एक टीम मौके का मुआयना करने पहुंची है और धंसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। उधर मौसम विभाग ने देहरादून समेत राज्य के कई जिलों में आगामी 2-3 दिनों तक अति भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और टोंस व तमसा नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को तत्काल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों तथा नदी के किनारों पर न जाएं। मौसम के इस उग्र रूप ने पूरे देहरादून शहर में जीवन की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
देहरादून में भारी बारिश का कहर: नंदा की चौकी का 16 करोड़ का नया पुल धंसा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

