केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए चल रहे संसद सत्र में एक कड़ा पेपर लीक विरोधी विधेयक पेश करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि परीक्षाओं में अवैध सिंडिकेट और धांधली में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने इस कानून के प्रावधानों को मंजूरी दी है। यह नीतिगत कदम नीट (NEET) और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर तथा देश भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों में छात्रों द्वारा किए गए हफ्तों लंबे विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है। छात्रों के अधिकारों और प्रशासनिक पारदर्शिता के संबंध में गृह मंत्रालय से औपचारिक आश्वासन मिलने के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया। हालांकि, छात्र संगठनों और विपक्षी सांसदों का विरोध जारी है, जो शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही और नीतिगत सुधारों पर अडिग हैं। नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में पेपर लीक मामलों की जल्द सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत गठित की गई है। केंद्र सरकार का लक्ष्य संसद के चालू सत्र में इस विधेयक को शीघ्रता से पारित करवाकर देश भर के लाखों परीक्षार्थियों का भरोसा पुनः बहाल करना है।
संसद में सख्त पेपर लीक विरोधी विधेयक लाने की तैयारी, जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध और अनशन के बीच राष्ट्रीय राजधानी में हलचल तेज

