भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कल एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए भारत के सौर भौतिकी समुदाय (Solar Physics Community) को आदित्य-एल1 मिशन के डेटा का अध्ययन करने के लिए आमंत्रित किया है। इसरो के अनुसार, वर्तमान में सार्वजनिक डोमेन में 27 टेराबाइट (TB) से अधिक डेटा उपलब्ध है, जो सूर्य के बाहरी वातावरण (कोरोना) और सौर हवाओं के बारे में नई जानकारियां प्रदान कर सकता है। यह ‘अनाउंसमेंट ऑफ अपॉर्चुनिटी’ का दूसरा चरण है, जिसका उद्देश्य भारत के पहले समर्पित सौर मिशन से मिलने वाले वैज्ञानिक लाभ को अधिकतम करना है। आदित्य-एल1 मिशन जनवरी 2024 से एल1 पॉइंट (Lagrange Point 1) पर तैनात है और लगातार सूर्य की गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस डेटा के विश्लेषण से भविष्य में अंतरिक्ष मौसम के पूर्वानुमान और सैटेलाइट सुरक्षा में बड़ी मदद मिलेगी।
इसरो ने आदित्य-एल1 मिशन के डेटा के लिए वैज्ञानिकों को किया आमंत्रित

