देश के प्रमुख शहरों में इन दिनों लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट का पूरी तरह से दबदबा बना हुआ है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डेवलपर्स अब सस्ते घरों (Affordable Housing) के बजाय 1.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। जमीन की बढ़ती कीमतों और निर्माण लागत में इजाफे के कारण बिल्डर्स के लिए अब छोटे और सस्ते घर बनाना मुनाफे का सौदा नहीं रह गया है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों पर पड़ रहा है, जिनके लिए बाजार में विकल्पों की भारी कमी हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो भविष्य में रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा असंतुलन पैदा हो सकता है।
लग्जरी घरों की मांग बढ़ी, अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में आई कमी

