वर्ष 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल 1.6 बिलियन डॉलर का संस्थागत निवेश दर्ज किया गया है। मिड-डे और कोलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस निवेश में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही है, जिन्होंने अकेले 1.2 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण विदेशी निवेशकों ने फिलहाल थोड़ी दूरी बना ली है, जिससे विदेशी इनफ्लो में लगभग 23% की वार्षिक गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू पूंजी का यह उछाल भारतीय बाजार की आंतरिक मजबूती और स्थानीय निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। यह बदलाव पिछले 5 वर्षों के ट्रेंड से बिल्कुल अलग है, जहाँ पहले विदेशी निवेश का बोलबाला रहता था।
भारतीय रियल एस्टेट में घरेलू निवेशकों का दबदबा, विदेशी निवेश में गिरावट

