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इंफ्रास्ट्रक्चर और यातायात: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर ढलान सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते 17 दिनों का ट्रैफिक डायवर्जन लागू

देहरादून: राष्ट्रीय राजधानी और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाले नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक महत्वपूर्ण यातायात एडवाइजरी और डायवर्जन प्लान लागू किया है। राजमार्ग प्राधिकरण ने गणेशपुर-देहरादून खंड के फेज-4 पर स्थित 1.250 किलोमीटर लंबे संवेदनशील हिस्से पर ढलान सुदृढ़ीकरण (Slope Stabilization) और पहाड़ी कटान के कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए यह फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने ही इस भव्य कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया था, जिसके बाद मानसून सीजन की शुरुआत से पहले पहाड़ी ढलानों को सुरक्षित करना बेहद अनिवार्य हो गया था ताकि भविष्य में होने वाले भूस्खलन के खतरों को टाला जा सके। आवश्यक वन भूमि और प्रशासनिक मंजूरियां मिलने के बाद, एनएचआई ने 22 मई से आगामी 8 जून तक कुल 17 दिनों के लिए इस डायवर्जन प्लान को प्रभावी कर दिया है, जिसके तहत दिल्ली और सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि डायवर्जन केवल इसी विशेष 1.25 किमी के हिस्से पर लागू रहेगा, जबकि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अन्य सभी हिस्से नियमित यातायात के लिए पूरी तरह से खुले रहेंगे। यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए एनएचआई ने इस चिन्हित क्षेत्र में चौबीसों घंटे फ्लैगमेन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है, जो लगातार वाहनों को गाइड कर रहे हैं और मलबे को हटाने के काम की निगरानी कर रहे हैं। इस सुरक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून की भारी बारिश शुरू होने से पहले पहाड़ियों से अतिरिक्त ढीले मलबे और चट्टानों को हटाना है, जिससे चारधाम यात्रा के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाया जा सके। देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने भी पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी रूट मैप को अच्छी तरह देख लें ताकि उन्हें गणेशपुर सीमा के पास किसी भी प्रकार के ट्रैफिक जाम या अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

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