देहरादून के निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत मिल रहे मुफ्त इलाज के नाम पर गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) के अध्यक्ष के निर्देश पर देहरादून के पाँच प्रमुख अस्पतालों—पावरलाइफ, प्रेमसुख, प्रकाशदीप, वेलमेड और सुनंदा मेडिकल सेंटर पर औचक छापेमारी की गई। जांच के दौरान इन अस्पतालों में मरीजों से अवैध रूप से पैसे वसूलने, बिना किसी ठोस मेडिकल ज़रूरत के मरीजों को आईसीयू (ICU) में भर्ती रखने, ड्यूटी से डॉक्टरों के गायब रहने और खराब डायलिसिस व्यवस्था जैसी गंभीर खामियां पाई गईं।
प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए प्रकाशदीप अस्पताल, पावरलाइफ अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर की डायलिसिस यूनिट की संबद्धता (Affiliation) को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही प्रेमसुख और सुनंदा अस्पताल पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने की तैयारी है और सभी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के अन्य निजी चिकित्सालयों में हड़कंप मच गया है।

