भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक मौसम के मिजाज में भारी तब्दीली आने को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, राजधानी देहरादून, मसूरी, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल सहित सात संवेदनशील जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, तीव्र आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की अत्यधिक संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए आधिकारिक तौर पर ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित करते हुए स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रा पर आ रहे देश-विदेश के श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने तथा यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को लगातार ट्रैक करने की कड़ी सलाह दी है। प्रादेशिक मौसम केंद्र के पूर्वानुमानों के मुताबिक, इस दौरान संवेदनशील पर्वतीय और ढलान वाले इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जो कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के तारों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। भारी बारिश के चलते संवेदनशील पहाड़ी रास्तों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हल्के से मध्यम स्तर के भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने और ऊपरी चट्टानों के खिसकने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे यातायात बाधित होने की पूरी आशंका बनी रहती है। राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने मौसम के इस खतरनाक रुख को देखते हुए देहरादून समेत सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को चौबीसों घंटे पूरी तरह मुस्तैद रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। मसूरी और आसपास के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर पहले से ही रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक तरफ जहां मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन और स्थानीय प्रशासन की बुनियादी ढांचागत चुनौतियां भी काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।
देहरादून समेत उत्तराखंड के सात जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट; मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

