बढ़ते डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए देहरादून जिला पुलिस ने अपने विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने राजधानी में सक्रिय एक बेहद शातिर और अंतरराज्यीय ठग गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है, जो डिजिटल पहचान बदलकर भोले-भाले नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि यह संगठित नेटवर्क फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग करके लोगों को बड़े राजनीतिक नेताओं का सहायक बताता था और आकर्षक सरकारी योजनाओं तथा ठेके दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देता था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के पास से कई फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और भारी मात्रा में संदिग्ध बैंकिंग विवरण बरामद किए गए हैं, जिनकी गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक ने इस त्वरित और सफल कार्रवाई की सराहना करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, देहरादून पुलिस ने आम जनता के बीच डिजिटल साक्षरता और जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर एक विशेष अभियान भी शुरू किया है, जिसमें लोगों को अपने गोपनीय पासवर्ड या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी जा रही है।
देहरादून पुलिस का “ऑपरेशन प्रहार”: जनता को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई

