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सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि को लेकर भड़का मजदूर आंदोलन हिंसक हुआ: फैक्ट्रियों पर भारी पथराव, 20 गिरफ्तार और 600 पर केस दर्ज

देहरादून के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई और सिडकुल में न्यूनतम वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर चल रहा श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जिससे पूरे औद्योगिक बेल्ट में भारी तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ यह आंदोलन उस समय हिंसक रूप ले बैठा जब प्रदर्शनकारी श्रमिकों और कुछ स्थानीय फैक्ट्री प्रबंधकों के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद गुस्साए मजदूरों ने कई दवा और ऑटोमोबाइल कंपनियों के परिसरों पर धावा बोल दिया। उग्र भीड़ ने फैक्ट्रियों की खिड़कियों, सुरक्षा केबिनों और परिसर के भीतर खड़ी अधिकारियों की दर्जनों निजी गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उन पर भीषण पथराव किया और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ कर आगजनी की कोशिश भी की। इस अप्रत्याशित हिंसा की सूचना मिलते ही देहरादून से भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौके से उपद्रव मचाने वाले 20 मुख्य नेताओं और प्रदर्शनकारियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 600 से अधिक अज्ञात मजदूरों के खिलाफ दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फैक्टरी मालिकों के संगठन (SIDCUL Manufacturers Association) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और सरकार से औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की गुहार लगाई है, क्योंकि इस अशांति के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है और करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। जिला मजिस्ट्रेट ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में इस तरह की हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए सेलाकुई और उसके आसपास के संवेदनशील चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और श्रमिक संगठनों व उद्योगपतियों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

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