देहरादून जिले में बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम के कारण आगजनी की घटनाओं में अचानक अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने अग्निशमन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले महज 24 घंटों के भीतर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आग लगने की कुल 12 बड़ी घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पूरे दमकल विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अभिनव त्यागी ने बताया कि फायर सीजन के चरम पर होने के कारण कंट्रोल रूम में दिनभर आपातकालीन फोन घनघनाते रहे और टीमें लगातार दौड़ती रहीं। इन 12 घटनाओं में से अकेले देहरादून शहर के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों से सात स्थानों पर आग लगने की सूचनाएं दमकल विभाग के पास दर्ज कराई गईं। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई से आग लगने की तीन बड़ी कॉल प्राप्त हुईं, जबकि विकासनगर फायर स्टेशन के अंतर्गत दो अलग-अलग जगहों पर आगजनी की घटनाएं हुईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में चार घटनाएं खाली पड़े प्लॉटों में उगी सूखी झाड़ियों और कूड़े के ढेरों में अचानक भड़कने के कारण हुईं। एक अन्य घटना में एक आवासीय परिसर के भीतर शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे घर के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही देहरादून, सेलाकुई और विकासनगर फायर स्टेशनों से अत्याधुनिक दमकल वाहनों और प्रशिक्षित जवानों की रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत घटनास्थलों के लिए रवाना किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने अपनी तत्परता और पेशेवर सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी 12 स्थानों पर लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। सीएफओ ने जनता से अपील की है कि वे गर्मी के इस मौसम में घरों के बिजली के तारों की जांच करवाएं और सूखे पत्तों या झाड़ियों में आग लगाने से पूरी तरह बचें। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और सूखी हवाओं के चलते जंगलों और ग्रामीण इलाकों में घास-फूस में आग लगने का खतरा कई गुना अधिक बढ़ गया है। विभाग ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सभी मुख्य अधिकारियों और दमकल वाहनों को चौबीसों घंटे पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
समाचार 3: देहरादून में भीषण गर्मी का प्रकोप; महज 24 घंटों के भीतर अलग-अलग 12 स्थानों पर लगी भीषण आग

