देहरादून से दिल्ली की यात्रा करने वाले आम यात्रियों और पर्यटकों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के चौथे चरण के तहत गणेशपुर से देहरादून के बीच पहाड़ी ढलानों को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। आगामी मॉनसून सीजन की शुरुआत से पहले पहाड़ों के खिसकने या लैंडस्लाइड के मलबे से होने वाले हादसों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस बेहद जटिल और संवेदनशील सुदृढ़ीकरण कार्य के मद्देनजर, बाईस मई से आठ जून तक राजमार्ग के लगभग सवा किलोमीटर लंबे हिस्से पर अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। एनएचएआई के परियोजना अभियंताओं ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ी कटान वाले संवेदनशील क्षेत्रों में चट्टानों के गिरने (रॉकफॉल) के खतरे को कम करने के लिए विशेष स्टोन कैचर्स लगाए जा रहे हैं। इस पूरी अवधि के दौरान वाहनों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे फ्लैगमेन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। नए ट्रैफिक प्लान के मुताबिक, देहरादून की ओर आने वाले सभी वाहनों को बाईं ओर की मुख्य सड़क से हटाकर दाईं ओर की लेन पर डाइवर्ट किया जाएगा, जो डाट काली टनल के पास वापस मुख्य मार्ग से जुड़ेगी। वहीं दूसरी ओर, दिल्ली और सहारनपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्य के लिए वन भूमि के डायवर्जन और अन्य सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं पर्यावरणीय अनुमतियां पहले ही प्राप्त की जा चुकी हैं। एनएचएआई ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस पहाड़ी मार्ग पर यात्रा करते समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। यह डायवर्जन केवल एक सीमित दायरे में लागू रहेगा, जबकि एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर के बाकी सभी हिस्से सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह खुले रहेंगे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, देहरादून और दिल्ली के बीच का सफर न केवल काफी कम समय में पूरा होगा बल्कि पहाड़ी इलाकों में यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगी।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शुरू किया ट्रैफिक डायवर्जन, पहाड़ी ढलानों के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज

