उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक निजी अस्पताल से आज एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली खबर सामने आई है। शहर के बल्लीवाला क्षेत्र के पास स्थित पनेसिया अस्पताल के अत्यंत संवेदनशील इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में बुधवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। चश्मदीदों और अस्पताल के स्टाफ द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा आईसीयू वार्ड के भीतर लगे एक एयर कंडीशनर (एसी) यूनिट में हुए तेज शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ। देखते ही देखते आग की लपटों ने वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सप्लाई लाइनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे वार्ड में कुछ ही मिनटों के भीतर बेहद घना और जहरीला धुआं फैल गया। इस अचानक हुए हादसे के वक्त वार्ड में कई गंभीर मरीज भर्ती थे, जिससे अस्पताल परिसर के भीतर चारों तरफ चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुंचीं और खिड़कियाँ तोड़कर मरीजों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस बेहद जटिल बचाव कार्य के दौरान वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रही एक छियासठ वर्षीय बुजुर्ग महिला मरीज की दम घुटने (एस्फिक्सिएशन) के कारण दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा, करीब सोलह अन्य लोग इस जहरीले धुएं और आग की लपटों के कारण गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें आपातकालीन उपचार के लिए नजदीकी जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। घायलों में अस्पताल के स्टाफ के साथ-साथ तीन जांबाज पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो मरीजों की जान बचाते समय खुद गंभीर रूप से धुएं का शिकार हो गए। अस्पताल के मालिक ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि परिसर में मौजूद छह हजार लीटर क्षमता का अग्निशामक वाटर टैंकर भी उसे बुझाने में पूरी तरह खाली हो गया। उत्तराखंड राज्य सरकार ने इस बेहद संवेदनशील घटना का तत्काल कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही, प्रशासन ने प्रदेश के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों के फायर सेफ्टी ऑडिट और एनओसी की दोबारा कड़ाई से जांच करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
देहरादून के निजी अस्पताल के आईसीयू में एसी शॉर्ट सर्किट से भीषण आग, एक मरीज की मौत और कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलसे

