वैज्ञानिकों ने ‘VitalID’ नामक एक क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है, जो पासवर्ड या फिंगरप्रिंट के बजाय आपकी खोपड़ी (Skull) के अनोखे कंपन का उपयोग करती है। यह सिस्टम इंसान की सांस लेने और दिल की धड़कन से पैदा होने वाले बारीक वाइब्रेशन को पहचानता है, जो हर व्यक्ति की हड्डियों की बनावट के हिसाब से अलग होते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए किसी अतिरिक्त हार्डवेयर की ज़रूरत नहीं है; यह मौजूदा स्मार्ट हेडसेट्स के मोशन सेंसर्स के जरिए ही काम कर सकता है। रटगर्स और टेम्पल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के मुताबिक, यह तकनीक फेस-आईडी से भी ज्यादा सुरक्षित है क्योंकि इसे फोटो या मास्क से धोखा नहीं दिया जा सकता।
पासवर्ड का झंझट खत्म, अब आपकी ‘खोपड़ी के कंपन’ से होगा लॉग-इन

