उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आम जनता और वाहन चालकों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है, क्योंकि शहर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में ₹2 प्रति किलोग्राम की एक और ताजा बढ़ोतरी कर दी गई है। इस नई मूल्य वृद्धि के साथ ही पिछले महज दो महीनों के भीतर देहरादून में सीएनजी के दाम कुल ₹11 प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं, जिसने उपभोक्ताओं के मासिक बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विकल्प के रूप में सीएनजी अपनाने वाले ऑटो-रिक्शा चालकों, कमर्शियल वाहन स्वामियों और निजी कार मालिकों में इस लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर भारी असंतोष और आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह लगातार इजाफा होता रहा, तो वे जल्द ही शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन के किराए में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसका सीधा और सबसे बड़ा असर रोजाना सफर करने वाले स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों की जेब पर देखने को मिलेगा। आर्थिक जानकारों का मानना है कि सीएनजी के दाम बढ़ने से न केवल परिवहन लागत बढ़ेगी, बल्कि आने वाले दिनों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी आंशिक तेजी आ सकती है। इस मूल्य वृद्धि के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और सरकार से इस पर तुरंत हस्तक्षेप करने तथा वैट (VAT) या अन्य करों में कटौती कर जनता को राहत देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, गैस वितरण कंपनियों का तर्क है कि वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों और परिचालन लागत में वृद्धि के कारण कीमतों में संशोधन करना बेहद जरूरी हो गया था। अब देखना यह होगा कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में क्या स्थानीय प्रशासन ट्रांसपोर्टरों को शांत रखने के लिए कोई बीच का रास्ता निकाल पाता है या नहीं।
देहरादून में सीएनजी की कीमतों में भारी उछाल, पिछले दो महीनों में ₹11 तक बढ़े दाम

