देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया है और उत्तराखंड सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। आयोग ने इस दर्दनाक हादसे में एक महिला मरीज की मौत और कई अन्य के घायल होने की मीडिया रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को एक कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) में हुए जोरदार ब्लास्ट के कारण भड़की इस भीषण आग के दौरान 14 मरीजों को जैसे-तैसे रेस्क्यू कर पास के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया था, लेकिन बदकिस्मती से एक गंभीर रूप से बीमार महिला ने दम तोड़ दिया। मानवाधिकार आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि यदि मीडिया में आई खबरें सच हैं, तो यह सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन के अधिकार और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। प्रशासन से अगले दो हफ्तों के भीतर एक विस्तृत और व्यापक रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या अस्पताल के पास वैध फायर एनओसी (NOC) थी, क्या वहां सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था, और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने व दोषियों के खिलाफ क्या सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का देहरादून प्रशासन को नोटिस: निजी अस्पताल में भीषण आग और मरीज की मौत पर मांगी रिपोर्ट

