संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतिष्ठित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। आगामी चौबीस मई को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए देहरादून जनपद के भीतर कुल बत्तीस परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष जिला प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देहरादून केंद्र से कुल बारह हजार पांच सौ पैंतालीस अभ्यर्थी इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक (सिटी) प्रवीण कुमार, उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह और कुमकुम जोशी सहित सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। परीक्षा को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर्स और सीसीटीवी कैमरों की कड़ाई से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरी परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए सभी केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। बाहरी राज्यों और दूर-दराज के जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसें और ट्रैफिक कंट्रोल प्लान तैयार रखने को कहा गया है। इसके अलावा, वर्तमान समय में चल रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए सभी बत्तीस परीक्षा केंद्रों पर ठंडे पानी और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी की तबीयत परीक्षा के दौरान अचानक बिगड़ती है, तो उसके लिए प्रत्येक केंद्र पर एक त्वरित प्राथमिक चिकित्सा टीम भी मुस्तैद रहेगी। मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा के दिन लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण करें ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर देहरादून जिला प्रशासन की तैयारियां तेज, बत्तीस केंद्रों पर बैठेंगे बारह हजार से अधिक परीक्षार्थी

